ब्यूरो रिपोर्ट फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद के गंगा पार क्षेत्र में किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अखंड प्रदेश) ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। संगठन 30 अक्टूबर से राजेपुर राठौरी स्थित अपने क्षेत्रीय कार्यालय पर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू करेगा। करीब 40 जर्जर सड़कों के निर्माण, बाढ़ मुआवजे में कथित भ्रष्टाचार, किसानों के उत्पीड़न, अवैध खनन, कथित फर्जी मुकदमों और बिजली विभाग की लापरवाही समेत विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर संगठन ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट, विनियमित क्षेत्र, फर्रुखाबाद को सौंपा। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर प्रभावी कार्रवाई शुरू नहीं हुई और समस्याओं के समयबद्ध समाधान का लिखित आश्वासन नहीं मिला, तो आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

40 जर्जर सड़कों और जलभराव का मुद्दा उठाया
प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी ने कहा कि राजेपुर विकासखंड सहित गंगा पार क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से जर्जर सड़कों, जलभराव और खराब ग्रामीण संपर्क मार्गों की समस्या से जूझ रहे हैं। क्षेत्र की लगभग 40 सड़कों की मरम्मत और निर्माण की मांग के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। संगठन ने संबंधित विभागों से सड़कों का निर्माण कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
डीएम और एसपी से अलग समय पर वार्ता की मांग
किसान यूनियन ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। नरेंद्र सोमवंशी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों से मुलाकात के लिए अलग समय दिया जाता है, जबकि किसान संगठनों के पदाधिकारियों को सामान्य जनसुनवाई में पहुंचने के लिए कहा जाता है। ऐसे में किसानों की गंभीर समस्याओं पर विस्तार से चर्चा नहीं हो पाती।
उन्होंने मांग की कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक किसान संगठनों के अधिकृत प्रतिनिधिमंडल के साथ नियमित वार्ता के लिए अलग समय निर्धारित करें। साथ ही अधिकारियों के सरकारी सीयूजी नंबरों पर संपर्क न हो पाने की समस्या का समाधान भी किया जाए, ताकि आपात परिस्थितियों और गंभीर शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई हो सके।
किसानों के उत्पीड़न और कथित फर्जी मुकदमों पर जताई नाराजगी
संगठन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गरीब किसानों और आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से थाने ले जाने, रातभर बैठाने तथा कथित अवैध हिरासत की शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। संगठन ने थाना राजेपुर में किसान कार्यकर्ता संजय कठेरिया के विरुद्ध दर्ज आबकारी संबंधी मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने और थाना कायमगंज, अमृतपुर तथा राजेपुर में दर्ज कथित झूठे मुकदमों की समीक्षा करने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि निर्दोष लोगों को न्याय मिलना चाहिए और पुलिस को कानून के प्रावधानों का समान रूप से पालन करना चाहिए।
बिजली विभाग की लापरवाही से हादसे की आशंका
ज्ञापन में बिजली विभाग की कथित लापरवाही का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। नरेंद्र सोमवंशी के मुताबिक, वर्ष 2026 में मसेनी चौराहे पर बिजली के करंट से कई लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की घटना हुई थी। संगठन को मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ितों के उपचार पर करीब 75 लाख रुपये खर्च हुए और संबंधित लोगों ने बिजली विभाग में लगभग छह लाख रुपये की एस्टीमेट धनराशि भी जमा कराई।
इसके बावजूद संगठन ने आरोप लगाया कि विद्युत तारों की व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित नहीं की गई है और आज भी नंगे तार झूल रहे हैं। इससे दोबारा बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। यूनियन ने तत्काल विद्युत सुधार कार्य कराने और मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
बाढ़ मुआवजे में कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग
भारतीय किसान यूनियन ने गंगा और रामगंगा से प्रभावित क्षेत्रों में पात्र किसानों को बाढ़ मुआवजा दिलाने की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ किसानों से मुआवजा दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 500 रुपये प्रति बीघा सुविधा शुल्क मांगे जाने की शिकायतें मिली हैं। यूनियन ने इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने और वंचित किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है।
इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अवैध मिट्टी और बालू खनन पर रोक लगाने, व्यावसायिक खनन की अनुमतियों की जांच कराने तथा खनन के नाम पर कथित अवैध वसूली बंद कराने की मांग उठाई गई। किसानों की निजी जरूरतों के लिए अपने खेत से मिट्टी निकालने की प्रक्रिया को नियमानुसार सरल और निःशुल्क बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
आलू बिक्री की बकाया धनराशि वापस दिलाने की मांग
संगठन ने ग्राम कोलासोता, हरपालपुर के किसानों की आलू बिक्री की धनराशि के कथित गबन का मामला भी उठाया। यूनियन ने संबंधित मामले में प्रभावी कानूनी कार्रवाई कर किसानों की बकाया रकम वापस दिलाने की मांग की है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो जारी रहेगा धरना
प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी ने कहा कि संगठन किसानों, मजदूरों, गरीबों, शोषितों, वंचितों और पीड़ित नागरिकों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से संघर्ष कर रहा है। आंदोलन का मकसद किसी व्यक्ति या विभाग का अनावश्यक विरोध करना नहीं, बल्कि जनसमस्याओं का समाधान कराना है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को आंदोलन की पूर्व सूचना दे दी गई है। यदि मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन नहीं मिला, तो 30 अक्टूबर 2026 से ग्राम राजेपुर राठौरी स्थित क्षेत्रीय कार्यालय, हकीम जी वाली गली में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। यह आंदोलन समस्याओं के संतोषजनक समाधान तक जारी रहेगा। संगठन ने आंदोलन को शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से संचालित करने की बात कही है।
इस दौरान राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव राजेश कुमार उर्फ बबलू दीक्षित, राष्ट्रीय प्रवक्ता छबिनाथ सिंह शन्नू प्रधान, प्रदेश सचिव सुनील गिहार, जिलाध्यक्ष मनोज सिंह परमार, जिला उपाध्यक्ष रक्षपाल सिंह सोमवंशी, अभिषेक सिंह परमार और प्रभास शाक्य सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भारतीय किसान यूनियन (अखंड प्रदेश)



