रिपोर्टर रजत गुप्ता सम्वाददाता राजेपुर
फर्रुखाबाद। अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास और क्षेत्रवासियों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के लिए भाजपा नेता डॉ. युवराज सिंह लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी से मुलाकात कर अमृतपुर क्षेत्र की समस्याओं, रोजगार के अवसरों और विकास की संभावनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की।
मुलाकात के दौरान डॉ. युवराज सिंह ने अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को राज्यमंत्री के सामने रखा। उन्होंने विशेष रूप से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. युवराज सिंह ने कहा कि अमृतपुर क्षेत्र लंबे समय से बाढ़ की समस्या से प्रभावित रहा है। प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर औद्योगिक एवं रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण युवाओं और ग्रामीणों के सामने रोजगार तथा पलायन जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि यदि अमृतपुर में स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के नए साधन विकसित किए जाएं तो क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलने से पलायन पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
डॉ. युवराज सिंह के अनुसार, राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी ने अमृतपुर क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से सुना और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री की सरलता, सकारात्मक व्यवहार और मार्गदर्शन से उन्हें क्षेत्र के विकास को लेकर आगे काम करने की प्रेरणा मिली है।
डॉ. युवराज सिंह पिछले काफी समय से अमृतपुर क्षेत्र में जनसंपर्क और जनसेवा के माध्यम से सक्रिय हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के साथ ही वह अपने चिकित्सकीय पेशे के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
डॉ. युवराज सिंह का कहना है कि अमृतपुर के समग्र विकास के लिए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के साथ-साथ बाढ़ की स्थायी समस्या के समाधान पर भी गंभीरता से काम किए जाने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं और मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाकर विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है।




