रिपोर्टर रजत गुप्ता राजेपुर
फर्रुखाबाद- अमृतपुर तहसील क्षेत्र में रामगंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। मंगलवार को नदी का जलस्तर 137.05 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 137.10 मीटर से महज पांच सेंटीमीटर नीचे है। अचानक बढ़े जलस्तर से बाढ़ प्रभावित गांवों में फिर चिंता बढ़ गई है।
रामगंगा के बढ़ते जलस्तर का कारण शुक्रवार और शनिवार को मैदानी क्षेत्रों के साथ उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हुई तेज बारिश को माना जा रहा है। बारिश के बाद बैराजों और बांधों में पानी बढ़ने पर रामगंगा में पानी छोड़ा गया। खो, हरेली और रामनगर बैराज से करीब 27,719 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कड़क्का बांध के पास, इमादपुर, बिरसिंहपुर, असलानपुर, अल्हादपुर, विचपुरिया और अभैयापुर पुलिया समेत कई स्थानों पर रास्तों में दोबारा कई फीट पानी भर गया है।

करीब एक सप्ताह पहले बाढ़ का पानी उतरने पर किसानों ने राहत की सांस लेते हुए गेहूं की फसल की तैयारी शुरू कर दी थी। खेतों को सुखाने के साथ जुताई का काम भी शुरू हो गया था। अब दोबारा पानी बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जलस्तर इसी तेजी से बढ़ा तो खेतों में पानी भरने से गेहूं की बुवाई प्रभावित हो सकती है।




