जनपद फर्रुखाबाद के अमृतपुर तहसील परिसर में सोमवार दोपहर करीब 1 बजे उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब बाइक सवार दबंगों ने एक पूर्व सैनिक पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में घायल पूर्व सैनिक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटियाघाट निवासी सुखपाल पुत्र जगदेव किसी जरूरी कार्य से तहसील पहुंचे थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे हमलावरों ने पीछे से ईंट से वार कर दिया। अचानक हुए इस हमले से सुखपाल गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों की पहचान राजेश पुत्र हरिराम और संदीप पुत्र उदयवीर, निवासी जसूपुर गढ़िया के रूप में की जा रही है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
तहसील जैसे संवेदनशील परिसर में दिनदहाड़े हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है—इससे पहले भी तहसील परिसर में एक अधिवक्ता को गोली लगने की घटना सामने आ चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए
नायब तहसीलदार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और उच्च अधिकारियों से चर्चा कर तहसील गेट पर एंट्री रजिस्टर लागू करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि बाहरी व्यक्तियों की निगरानी सुनिश्चित हो सके।
थानाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह के अनुसार, मामले में आरोपियों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
👉 बड़ा सवाल:
जब तहसील परिसर ही सुरक्षित नहीं, तो आम जनता खुद को कहां सुरक्षित महसूस करे?
यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है कि सुरक्षा व्यवस्था को अब और मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है। 







