तहसील सभागार में आयोजित समाधान दिवस इस बार केवल औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। जिलाधिकारी अंकुल लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की मौजूदगी में जनसुनवाई शुरू होते ही पूरे माहौल में अनुशासन और गंभीरता साफ नजर आई।
📊 114 शिकायतें, एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं
समाधान दिवस में कुल 114 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें—
राजस्व विभाग: 48
पुलिस विभाग: 22
विकास विभाग: 18
विद्युत विभाग: 3
खाद्य एवं रसद विभाग: 5
अन्य विभाग: 18
हालांकि मौके पर किसी भी शिकायत का अंतिम निस्तारण नहीं हो सका, लेकिन सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
⚖️ विरासत मामले में अधिकारियों को फटकार
अंशुल दीक्षित पत्नी स्व. प्रियांशु ने शिकायत की कि उनके पति की मृत्यु के बाद भी विरासत दर्ज नहीं की गई और बिना कारण मामला कोर्ट भेज दिया गया। इस पर जिलाधिकारी ने कानूनगो और लेखपाल को कड़ी फटकार लगाते हुए निष्पक्ष जांच रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
🚫 लेखपाल निलंबित, वर्षों की लापरवाही पड़ी भारी
पिथनापुर निवासी कुंती पत्नी भूरेलाल ने बताया कि 2022 से लगातार शिकायतों के बावजूद पैमाइश नहीं की गई। इस गंभीर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने लेखपाल उत्कर्ष दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दे दिया।
💰 वेतन न मिलने पर ग्राम विकास अधिकारी पर कार्रवाई
फखरपुर निवासी रागिनी पत्नी योगेश दत्त, जो सामुदायिक शौचालय में कार्यरत हैं, ने जुलाई 2021 से वेतन न मिलने की समस्या रखी। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीर मानते हुए ग्राम विकास अधिकारी मानवेंद्र सिंह को भी तत्काल निलंबित कर दिया।
📌 अन्य प्रमुख शिकायतें
योगेंद्र प्रकाश (अमृतपुर): चकमार्ग खुलवाने की मांग
रामजीत पुत्र छविनाथ: तालाब पर अवैध कब्जा हटाने की गुहार
राकेश (जोगराजपुर): तालाब पुनर्निर्माण की मांग
राजीव (नगरिया जवाहर): सार्वजनिक मार्ग निर्माण की मांग
👮♂️ प्रशासनिक अमला रहा पूरी तरह सक्रिय
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपजिलाधिकारी संजय सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने मौके पर ही सभी को स्पष्ट निर्देश देते हुए लंबित मामलों के शीघ्र और निष्पक्ष निस्तारण के आदेश दिए।
👉 साफ संदेश: समाधान दिवस में हुई ताबड़तोड़ कार्रवाइयों और सख्त तेवरों ने स्पष्ट कर दिया कि अब लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन जनता की समस्याओं के त्वरित और न्यायपूर्ण समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।







