रिपोर्ट- रजत गुप्ता संवाददाता राजेपुर अमृतपुर
फर्रुखाबाद जनपद के थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम चाचूपुर में शनिवार को तालाब में युवक का शव मिलने के बाद भड़की हिंसा और पुलिस पर पथराव की घटना के बाद रविवार को पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। हालात को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने तीन थानों की पुलिस, भारी पुलिस बल और पीएसी जवानों को गांव में तैनात कर दिया है। गांव के मुख्य रास्तों से लेकर गलियों तक हर जगह पुलिस की कड़ी निगरानी देखने को मिली।
घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। रविवार सुबह से ही गांव में सन्नाटा पसरा रहा। कई घरों के दरवाजे बंद मिले तो वहीं कुछ मकानों पर ताले लटके दिखाई दिए । ग्रामीण बेहद सहमे हुए नजर आए और लोग घरों से बाहर निकलने से बचते रहे। पुलिस लगातार गांव में गश्त करती रही ताकि किसी प्रकार की अफवाह या दोबारा विवाद की स्थिति पैदा न हो सके।
बताया जा रहा है कि शनिवार को तालाब में युवक का शव मिलने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया था। मौके पर पहुंची पुलिस टीम का विरोध शुरू हो गया और देखते ही देखते कुछ महिलाओं ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस दौरान अफरा-तफरी मच गई और कई पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं। पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाने की सूचना सामने आई थी। घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया।
रविवार को हालात की गंभीरता को देखते हुए राजेपुर, अमृतपुर और आसपास के थानों की पुलिस फोर्स गांव में तैनात की गई। पीएसी जवानों ने गांव में फ्लैग मार्च किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने गांव में डेरा डाल रखा है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
गांव में स्थित देसी शराब का ठेका भी पूरी तरह बंद मिला। वहां भी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की भीड़ एकत्र न हो सके और माहौल शांत बना रहे। मुख्य चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस जवान लगातार निगरानी कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात रखा गया है। गांव में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और अफवाह फैलाने वालों पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।
फिलहाल चाचूपुर में हर गली और हर मोड़ पर पुलिस की मौजूदगी साफ दिखाई दे रही है। गांव का माहौल सामान्य करने के लिए प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है, जबकि ग्रामीण अभी भी घटना के बाद दहशत और तनाव में हैं।







