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कलान (शाहजहांपुर): हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को बचाने का आरोप, पीड़ित परिवार ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

कलान (शाहजहांपुर)। जनपद शाहजहांपुर के थाना कलान क्षेत्र के ग्राम दारानगर अर्थरी में युवक जयवीर की हत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिस मुख्य आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है, जबकि घटना में उसकी भूमिका को लेकर कई ग्रामीण खुलकर सामने आ चुके हैं।

जानकारी के अनुसार, 23 अप्रैल 2026 को थाना कलान में एफआईआर संख्या 116/2026 दर्ज की गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। मृतक जयवीर पुत्र भानु प्रताप, ग्राम दारानगर अर्थरी, थाना एवं तहसील कलान का निवासी था।

ट्रैक्टर से टक्कर मारने के बाद हुआ खूनी हमला

परिजनों के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 को गांव के ही सुनील पुत्र रामनिवास, विपिन पुत्र रामकुमार, मानवेंद्र पुत्र सतपाल तथा अमीर पुत्र वीरपाल ने कथित रूप से जयवीर को जान से मारने की नीयत से ट्रैक्टर से टक्कर मार दी। आरोप है कि घटना के बाद सभी आरोपी ट्रैक्टर छोड़कर मौके से फरार हो गए।

कुछ समय बाद आरोपित पक्ष के लोग दोबारा हथियारों से लैस होकर मृतक के घर के सामने पहुंचे। परिजनों का कहना है कि सत्यपाल पुत्र द्वारिका अपनी लाइसेंसी बंदूक, संतराम पुत्र सतपाल तमंचा, चदकी उर्फ चंदन पुत्र सतपाल तमंचा तथा अमीर पुत्र वीरपाल लाठी लेकर वहां पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी।

विरोध करने पर मारपीट हुई और फिर आरोपियों ने कथित रूप से फायरिंग कर दी। गोली जयवीर को लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के दौरान आसपास मौजूद कई अन्य लोग भी बाल-बाल बच गए।

इलाज के दौरान हुई मौत

घटना के बाद जयवीर के भाई रामवीर ने पुलिस को सूचना दी और घायल जयवीर को तत्काल राममूर्ति अस्पताल, बरेली में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

मुख्य आरोपी पर हत्या के लिए उकसाने का आरोप

ग्रामीणों और मृतक के परिजनों का आरोप है कि सुनील पुत्र रामनिवास ने घटना के दौरान अन्य आरोपियों को उकसाते हुए कहा था, “गोली मार दो सालों को, जो होगा देख लिया जाएगा।” ग्रामीणों का दावा है कि कई लोगों ने इस संबंध में शपथ पत्र भी दिए हैं और सुनील की भूमिका की पुष्टि की है।

परिजनों का कहना है कि घटना के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए गांव से फरार हुए और जाते समय लोगों को जान से मारने की धमकियां भी दीं।

पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप

मृतक के भाई रामवीर का आरोप है कि एफआईआर में नामजद होने के बावजूद सुनील पुत्र रामनिवास की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। जबकि पुलिस अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। परिजनों का कहना है कि सुनील खुलेआम गांव में घूम रहा है और उसके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही।

इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों पर सुनील के पक्ष में शपथ पत्र देने का दबाव भी बनाया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

गांव में दहशत, परिवार भयभीत

घटना के बाद पूरे गांव में भय और तनाव का माहौल बताया जा रहा है। मृतक के भाई रामवीर और उनका परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। रामवीर ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर तथा आईजी रेंज बरेली से भी की है और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग उठाई है।

परिजनों की मांग

पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई की जाए तथा मुख्य आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और गांव में व्याप्त भय का माहौल समाप्त हो सके।

(नोट: यह समाचार पीड़ित पक्ष एवं ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।)

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