लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में फील्ड अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, गाजियाबाद, जौनपुर, वाराणसी समेत कई जिलों के अधिकारियों के कार्यों पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं पर सुस्त रवैया अपनाने वाले अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि केवल चेतावनी नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई भी की जाएगी। बताया जा रहा है कि बड़े अधिकारियों पर प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण कई जिलों में फटकार का अपेक्षित असर नहीं दिख रहा था, जिस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की।
वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के तुरंत बाद राजधानी लखनऊ में भी कार्रवाई देखने को मिली। कानून-व्यवस्था को लेकर मिली शिकायतों और बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर विभूति खंड के ACP, संबंधित SHO तथा गोमती नगर विस्तार थाने के प्रभारी को उनके पदों से हटा दिया गया है।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री की इस सख्ती को प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है !







