रिपोर्ट- रजत गुप्ता संवाददाता राजेपुर
राजेपुर, फर्रुखाबाद मानसून सत्र में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम तीसराम की मड़ैया में बाढ़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन को लेकर व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान एनडीआरएफ, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य एवं पूर्ति विभाग की संयुक्त टीमों ने राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन कर आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की तैयारियों का जायजा लिया।
मॉक ड्रिल में बाढ़ की काल्पनिक स्थिति तैयार कर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, नावों के जरिए रेस्क्यू अभियान चलाने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने तथा राहत शिविरों के संचालन की प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया गया। एनडीआरएफ के जवानों ने आधुनिक उपकरणों के माध्यम से बचाव कार्यों की तकनीक समझाई और आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी अमृतपुर रविंद्र सिंह के नेतृत्व में तहसीलदार शशांक सिंह, नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह, थानाध्यक्ष राजेपुर नागेंद्र सिंह, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमित राजपूत, पूर्ति निरीक्षक सहित एनडीआरएफ के अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे।
उपजिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जनहानि को रोकना और समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने कहा कि बाढ़ के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने का भरोसा दिलाया।
मॉक ड्रिल के दौरान ग्रामीणों को भी आपदा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। उन्हें बाढ़ की स्थिति में अफवाहों से बचने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक किया गया। अधिकारियों ने क्षेत्र के संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की।
मानसून की दस्तक से पहले आयोजित इस मॉक ड्रिल ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासन संभावित बाढ़ जैसी किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।







