रिपोर्टर- रजत गुप्ता संवाददाता राजेपुर
फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम अम्बरपुर में भूमि विवाद को लेकर एक परिवार द्वारा शुरू किए गए आमरण अनशन के बाद शनिवार को प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। उपजिलाधिकारी अमृतपुर ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद अनशनकारी परिवार के कुछ सदस्यों को उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर में भर्ती कराया गया।

ग्राम अम्बरपुर निवासी गिरीश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि वह पिछले लगभग 40 वर्षों से गाटा संख्या 307, रकबा 0.150 हेक्टेयर भूमि पर काबिज हैं। उनका कहना है कि राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने उसी भूमि के एक हिस्से पर गांव के रमाकांत, ओंमकार और अरुण को मौखिक रूप से आवंटन कर कब्जा दिला दिया, जिससे उनका परिवार आक्रोशित हो गया।
इसी के विरोध में गिरीश चंद्र मिश्रा अपनी पत्नी गायत्री देवी, पुत्री सुमन, पुत्र देवेश तथा पुत्रवधू गंगा देवी के साथ शुक्रवार से आमरण अनशन पर बैठे थे। शनिवार को उपजिलाधिकारी अमृतपुर रविंद्र कुमार, नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह, राजस्व निरीक्षक अतुल कुमार, लेखपाल रविंद्र वर्मा तथा उपनिरीक्षक आशुतोष कुमार मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों की बात सुनी।
उपजिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि संबंधित भूमि सरकारी अभिलेखों में दर्ज है, जिस पर वर्तमान में गिरीश चंद्र मिश्रा का कब्जा है। उन्होंने कहा कि उसी गाटा संख्या की शेष भूमि का आवंटन रमाकांत के नाम किया गया है। मामले की जांच के उपरांत राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल को निर्देश दिए गए हैं कि अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध धारा-67 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा पात्र व्यक्तियों के चयन के बाद आवासीय पट्टों के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए।
इस दौरान गिरीश चंद्र मिश्रा के समर्थन में पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के मंडल प्रवक्ता रामबरन वर्मा और उपजिलाधिकारी के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिससे कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया। हालांकि बाद में प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण कार्रवाई का भरोसा दिए जाने पर स्थिति सामान्य हो गई।
लगातार अनशन के चलते गिरीश चंद्र मिश्रा की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर में भर्ती कराया गया। वहीं समाचार लिखे जाने तक उनकी पुत्री सुमन एवं पुत्रवधू गंगा देवी अनशन पर डटी हुई थीं।
अम्बरपुर में भूमि विवाद को लेकर आमरण अनशन पर बैठे परिवार से वार्ता करते एसडीएम अमृतपुर एवं मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी।







