फतेहगढ़/फर्रुखाबाद। जिले के जहानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सरफाबाद में युवती पर कथित तेजाब हमले और दुष्कर्म के प्रयास के मामले में एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना को लेकर पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यशैली पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार पीड़िता इल्मा बानो ने आरोप लगाया है कि 8 जून की शाम आरोपी हसीव उर्फ सुल्तान दुर्यानी ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी, जिसकी शिकायत उसने थाना जहानगंज में की थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़िता के अनुसार अगले दिन 9 जून की सुबह आरोपी ने घर में घुसकर उस पर तेजाब फेंका तथा दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर उसकी मां के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उनका हाथ टूट गया। घटना के बाद पीड़ित परिवार लगातार न्याय की मांग करता रहा।
FIR दर्ज होने में देरी पर सवाल
मामले में सबसे बड़ा प्रश्न एफआईआर दर्ज होने के समय को लेकर उठ रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना 9 जून को हुई, जबकि मुकदमा 17 जून की तड़के दर्ज किया गया। ऐसे में घटना और एफआईआर के बीच लगभग आठ दिनों का अंतर कई सवाल खड़े कर रहा है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि महिलाओं के विरुद्ध गंभीर अपराधों, विशेषकर एसिड अटैक जैसे मामलों में तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। देरी की स्थिति में जांच की निष्पक्षता और साक्ष्यों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं।
दस्तावेजी त्रुटियों पर भी चर्चा
एफआईआर की प्रति में कुछ तकनीकी त्रुटियों की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में देरी के कारण का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। इसके अलावा नाम और विवरण दर्ज करने में भी कुछ विसंगतियां सामने आई हैं। हालांकि इन बिंदुओं पर पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
महिला सुरक्षा के दावों पर बहस
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब प्रदेश भर में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। जिले में प्रशासन और पुलिस के महत्वपूर्ण पदों पर महिला अधिकारी तैनात होने के बावजूद इस घटना में कार्रवाई की गति को लेकर जनचर्चा तेज हो गई है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार
अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पर टिकी हैं। सवाल यह है कि एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी की जांच होगी या नहीं, और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। वहीं पीड़ित परिवार न्याय और आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है।







