फर्रुखाबाद। जनपद को कानपुर और अन्य जिलों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पांचालघाट पुल एक बार फिर चर्चा में है। बुधवार देर रात करीब 10 बजे से पुल पर मरम्मत कार्य शुरू होने के बाद यातायात प्रभावित हो गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते जाम की स्थिति विकराल हो गई और करीब एक किलोमीटर तक वाहन रेंगते नजर आए।
राहगीरों और स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की जर्जर स्थिति और बार-बार होने वाले मरम्मत कार्य के कारण उन्हें आए दिन घंटों जाम का सामना करना पड़ता है। एम्बुलेंस, स्कूली वाहन, नौकरीपेशा लोग और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े वाहन भी इस समस्या से प्रभावित होते हैं।
आखिर कब तक चलेगी मरम्मत?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि पांचालघाट पुल पर मरम्मत कार्य कब तक चलता रहेगा? वर्षों से पुल की मरम्मत का सिलसिला जारी है, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक दिखाई नहीं दे रहा। हर कुछ समय बाद पुल की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ जाती है और फिर मरम्मत का कार्य शुरू हो जाता है।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
लगातार जाम और पुल की बदहाल स्थिति के बावजूद जनपद के जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस पहल करते नजर नहीं आते, जबकि हजारों लोग प्रतिदिन इसी पुल से आवागमन करते हैं।
बड़े हादसे की आशंका
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुल की जर्जर हालत को देखते हुए भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों का मानना है कि केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय पुल की मजबूती और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर ठोस योजना बनाई जानी चाहिए।
जनता की मांग
लोगों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि पांचालघाट पुल की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि फर्रुखाबाद की जनता को बार-बार जाम और खतरे के बीच सफर करने के लिए मजबूर न होना पड़े।
फिलहाल मरम्मत कार्य जारी है और राहगीरों को जाम की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अब सभी की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी है कि इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक निकलता है।







