रिपोर्टर- रजत गुप्ता संवाददाता राजेपुर
राजेपुर, फर्रुखाबाद। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे राजेपुर-डबरी मुख्य मार्ग पर निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही कई स्थानों पर दरारें पड़ने का मामला सामने आया है। सड़क अभी पूरी तरह चालू भी नहीं हुई है, लेकिन जगह-जगह दिखाई दे रही दरारों ने निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई और निम्न गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ होता तो निर्माण पूर्ण होने से पहले ही सड़क में दरारें नहीं पड़तीं।
क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हैं। लोगों का कहना है कि अभी न तो भारी बारिश हुई है और न ही बाढ़ का पानी आया है, फिर भी सड़क की यह स्थिति चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि बरसात और बाढ़ के दौरान सड़क की हालत और अधिक खराब हो सकती है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों ने यह भी मांग की है कि सड़क को मानकों के अनुरूप दोबारा दुरुस्त कराया जाए ताकि भविष्य में आवागमन प्रभावित न हो।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग (PWD) के एई आर.के. यादव ने बताया कि सड़क में आई दरारों की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी और जहां भी तकनीकी खामियां पाई जाएंगी, वहां आवश्यक मरम्मत कराकर सड़क को दुरुस्त कराया जाएगा।
सड़क निर्माण पूरा होने से पहले ही सामने आई ये खामियां विभागीय निगरानी और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं।







