राजेपुर, फर्रुखाबाद
जनता की समस्याओं के त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से शनिवार को थाना राजेपुर परिसर में थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, तहसीलदार शशांक सिंह, थाना प्रभारी नागेंद्र सिंह, कानूनगो अतुल कुमार तथा क्षेत्रीय लेखपाल उपस्थित रहे। अधिकारियों ने फरियादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
समाधान दिवस के दौरान कुल 8 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 2 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष 6 मामलों को राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को सौंपते हुए शीघ्र जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने विशेष रूप से भूमि विवाद, पैमाइश, सीमांकन, अवैध कब्जा और आपसी विवादों जैसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी कई बार कानून-व्यवस्था की समस्या का कारण बनती है।
अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि शासन की मंशा है कि आमजन को न्याय के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए तथा किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही बरतने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर संवेदनशील मामलों का समय रहते समाधान कराया जाए, ताकि छोटे विवाद बड़े विवादों में न बदलें और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
थाना प्रभारी नागेंद्र सिंह ने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि प्रत्येक शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि थाना समाधान दिवस का उद्देश्य जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को मजबूत करना तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित समाधान दिवस ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शासन की प्राथमिकता आमजन को समय पर न्याय दिलाना है और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







