राजेपुर, फर्रुखाबाद
इटावा-बरेली हाईवे पर राजेपुर थाना क्षेत्र स्थित रामगंगा नदी पुल पर रविवार को चल रहे मरम्मत कार्य के चलते भीषण जाम लग गया। पुल पर गहरे गड्ढों की मरम्मत के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई और देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। करीब चार घंटे तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा, जिससे राहगीरों को भीषण गर्मी और उमस के बीच भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मरम्मत कार्य सूर्या कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। मौके पर 10 से अधिक मजदूर पुल की मरम्मत में जुटे रहे। निर्माण कार्य के चलते पुल पर वाहनों की आवाजाही एक लेन से और बेहद धीमी गति से होने लगी, जिसके कारण जाम लगातार बढ़ता गया।

सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनी जब जाम में एक एंबुलेंस भी फंस गई। एंबुलेंस के लंबे समय तक जाम में फंसे रहने से लोगों में नाराजगी देखी गई। राहगीरों ने कहा कि यदि किसी गंभीर मरीज को तत्काल इलाज की आवश्यकता होती, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।

जाम की सूचना मिलते ही राजेपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारु कराने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने वाहनों को नियंत्रित कर आवागमन सामान्य बनाने की कोशिश की, लेकिन पुल पर चल रहे निर्माण कार्य और सीमित जगह के कारण यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका।
हरदोई, शाहजहांपुर और बरेली की ओर जाने वाले यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ा। कई लोगों ने वाहन बंद कर सड़क किनारे इंतजार किया, जबकि तेज धूप और उमस ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रामगंगा पुल पर लंबे समय से गहरे गड्ढे बने हुए थे, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती थी। इसी वजह से मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। हालांकि लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त ट्रैफिक प्रबंधन नहीं किया गया, जिससे हजारों यात्रियों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ी।
इस बीच निर्माण कार्य के दौरान पुरानी सरिया के इस्तेमाल की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिन पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों ने मांग की है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए और मरम्मत कार्य को जल्द एवं मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए, ताकि हाईवे पर यातायात बिना बाधा के संचालित हो सके।







