रिपोर्टर रजत गुप्ता संवाददाता राजेपुर
फर्रुखाबाद। साइबर अपराधों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नकदी और साइबर ठगी से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को साइबर फ्रॉड में संलिप्त अभिषेक सिंह पुत्र राजेश सिंह, निवासी ग्राम नौगंवा, थाना अल्लाहगंज, जनपद शाहजहाँपुर को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड तथा 3,050 रुपये नकद बरामद हुए।
जांच के दौरान जब पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की गैलरी खंगाली तो उसमें 20 अलग-अलग बारकोड (QR Code) के स्क्रीनशॉट मिले। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन बारकोड का उपयोग लोगों से ऑनलाइन भुगतान प्राप्त करने और साइबर ठगी की रकम इकट्ठा करने के लिए किया जाता था।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की IMEI को समन्वय पोर्टल पर जांचा। जांच में पता चला कि आरोपी के मोबाइल नंबर और डिवाइस से संबंधित कुल पांच साइबर शिकायतें पहले से दर्ज हैं। इन शिकायतों में पीड़ितों से करीब 50 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मु0अ0सं0 122/2026 के तहत धारा 317(2), 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े अन्य व्यक्तियों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह अकेले वारदातों को अंजाम देता था या किसी संगठित साइबर गिरोह का सदस्य है। पुलिस मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी करा रही है, जिससे और महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड स्कैन न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग या ओटीपी संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।







