रिपोर्टर रजत गुप्ता संवाददाता राजेपुर
राजेपुर, फर्रुखाबाद। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से अमृतपुर तहसील के राजेपुर ब्लॉक क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। चित्रकूट गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद एक दर्जन से अधिक परिवार बदायूं–फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे किनारे पॉलिथीन डालकर रहने को मजबूर हो गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तत्काल हरकत में आया और राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया।
सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी श्वेता साहू, तहसीलदार शशांक सिंह, राजेपुर थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह तथा लेखपाल पवन कुमार और रविंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों, विशेषकर महिलाओं से बातचीत कर उन्हें समझाया कि हाईवे किनारे रहना जानलेवा साबित हो सकता है।
प्रशासन ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए रामनिवास स्कूल और गंगापार स्थित महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन, आवास, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है।
शुरुआत में कुछ महिलाओं ने राहत शिविर जाने से इनकार कर दिया, लेकिन एसडीएम श्वेता साहू ने स्पष्ट कहा कि सड़क किनारे रहना किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लोग स्वयं सुरक्षित स्थान पर नहीं जाएंगे तो प्रशासन को उन्हें वहां से हटाने की कार्रवाई करनी पड़ेगी। इसके बाद ग्रामीणों ने पॉलिथीन हटानी शुरू कर दी और राहत शिविर जाने पर सहमति जता दी।

उधर, चित्रकूट डिप पर बदायूं–फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे के ऊपर करीब तीन फीट पानी बहने लगा। संभावित हादसों की आशंका को देखते हुए एसडीएम ने तत्काल सुरक्षा इंतजाम के निर्देश दिए। राजेपुर थाना पुलिस ने राजेपुर और जमापुर चौराहों पर बैरिकेडिंग कर हाईवे को दोनों ओर से बंद कर दिया, जिससे किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।

प्रशासन लगातार बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। वहीं ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।








