रिपोर्टर रजत गुप्ता, संवाददाता राजेपुर
फर्रुखाबाद/राजेपुर। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से अमृतपुर तहसील क्षेत्र में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। हालात का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर बुधवार को अधिकारियों की टीम के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। चारों ओर पानी से घिरे तीसराम की मड़ैया गांव तक पहुंचने के लिए उन्हें करीब दो किलोमीटर का सफर स्टीमर से तय करना पड़ा।
गांव पहुंचकर जिलाधिकारी ने बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया और ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि गांव में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं, मरीजों की जांच की जाए तथा पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही लोगों से अपील की कि यदि गंगा का जलस्तर और बढ़े तो किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं और समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि तीसराम की मड़ैया गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर चुका है। फिलहाल गांव के अंदर पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। गांव में करीब 300 लोग रह रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार कैंप लगाकर लोगों का उपचार कर रही है।
इसके बाद जिलाधिकारी चित्रकूट स्थित श्री रामनिवास महाविद्यालय में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर पहुंचीं, जहां लगभग 50 बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित ठहराया गया है। उन्होंने भोजन, पेयजल, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत शिविर में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए जिलाधिकारी ने शिक्षकों को राहत शिविर में नियमित कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए। वहीं पशुओं की सुरक्षा को देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग को स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और टीकाकरण सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, उपजिलाधिकारी श्वेता साहू, अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार, थाना प्रभारी नागेंद्र सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी धीरज कुमार, सीएचसी राजेपुर के चिकित्सक डॉ. प्रमित राजपूत सहित राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री, स्वास्थ्य सेवाएं तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर पहुंचाने के लिए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं








