रिपोर्टर रजत गुप्ता, संवाददाता राजेपुर
फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे पर गुरुवार देर रात डाक कांवड़ लेकर जा रहे शिवभक्तों के जत्थे में उस समय मातम पसर गया, जब गांधी गांव के पास तेज रफ्तार डंपर ने एक कांवड़िए को पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि 22 वर्षीय शिवकुमार की मौके पर ही मौत हो गई।

जहानगंज थाना क्षेत्र के गदाखेड़ा गांव निवासी शिवकुमार करीब 55 कांवड़ियों के साथ पांचालघाट से डाक कांवड़ लेकर गोला जा रहे थे। सभी कांवड़िए हाईवे से गुजर रहे थे। गांधी गांव के निकट पहुंचते ही पीछे से आए तेज रफ्तार डंपर ने शिवकुमार को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और साथी कांवड़ियों ने सड़क पर ही विरोध शुरू कर दिया।

चालक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े कांवड़िए
हादसे से आक्रोशित कांवड़ियों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। उनकी मांग थी कि हादसे के जिम्मेदार डंपर चालक को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। सूचना मिलते ही राजेपुर पुलिस मौके पर पहुंची और कांवड़ियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे चालक की गिरफ्तारी से पहले जाम खोलने को तैयार नहीं हुए।
पुलिस ने दुर्घटना में शामिल डंपर को कब्जे में ले लिया, जबकि उसका चालक मौके से फरार हो गया।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
जाम बढ़ने की सूचना पर सीओ मोहम्मदाबाद अजय वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार और राजेपुर थाना प्रभारी नागेंद्र सिंह, पांचाल घाट चौकी प्रभारी हरिकेश कुमार वैश्य, अमृतपुर थानाध्यक्ष दर्शन सोलंकी, फर्रुखाबाद कोतवाली प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कांवड़ियों से बातचीत कर उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया और यातायात बहाल कराने का प्रयास किया।

करीब दो घंटे तक हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई, जो करीब पांच किलोमीटर तक पहुंच गई। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घर में मचा कोहराम
शिवकुमार की मौत की खबर जैसे ही गदाखेड़ा गांव स्थित परिवार को मिली, घर में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार, शिवकुमार तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। परिवार के लोग हादसे की खबर से गहरे सदमे में हैं।

खबर लिखे जाने तक पुलिस परिजनों और कांवड़ियों को समझाने में जुटी थी। वहीं, फरार डंपर चालक की तलाश की जा रही थी।








