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कालिंद्री एक्सप्रेस के प्रस्तावित रूट बदलाव पर फर्रुखाबाद में विरोध तेज, आंदोलन की चेतावनी

फर्रुखाबाद: जनपद को दिल्ली से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण ट्रेन कालिंद्री एक्सप्रेस के प्रस्तावित मार्ग परिवर्तन को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बुधवार (6 मई) को फर्रुखाबाद विकास मंच के नेतृत्व में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने रेलवे स्टेशन पहुंचकर स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार को ज्ञापन सौंपा और रूट परिवर्तन के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि कालिंद्री एक्सप्रेस पिछले लगभग 40 वर्षों से फर्रुखाबाद, कन्नौज और मैनपुरी के लोगों के लिए प्रमुख रेल सेवा रही है। इसे शिकोहाबाद–इटावा मार्ग से चलाने की योजना क्षेत्र के यात्रियों के हितों के खिलाफ है।

प्रदर्शनकारियों ने सुझाव दिया कि यदि मंधना–अनवरगंज के बीच एलिवेटेड ट्रैक निर्माण के कारण समस्या आ रही है, तो ट्रेन को मंधना तक संचालित किया जाए या पूर्व की तरह फर्रुखाबाद–भिवानी रूट पर ही चलाया जाए, लेकिन मार्ग परिवर्तन न किया जाए।

व्यापार पर असर की आशंका

अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला महामंत्री अंगद पांडे (कोमल पांडे) ने कहा कि दिल्ली से व्यापारिक जुड़ाव के लिए यह ट्रेन अत्यंत महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में व्यापारी इसी ट्रेन से आवागमन करते हैं। रूट बदलने से व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि रेलवे प्रशासन ने जनभावनाओं को नजरअंदाज किया, तो जिले में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे ज्ञापन को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएंगे और समस्या के समाधान के लिए प्रयास करेंगे।

प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोग

इस दौरान पूर्व सभासद नीतीश दुबे (नीशू), सभासद उमेश जाटव, महेश अग्निहोत्री, नितिन गुप्ता, राजीव पाल, सनी बाथम, ओमनिवास पाठक, राजीव वर्मा, रजत वर्मा, आशू मिश्रा, आलोक मिश्रा, मलखान सिंह राजपूत, लकी गुप्ता, शिवांग बाजपेई और आशुतोष मिश्रा सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

कालिंद्री एक्सप्रेस का रूट परिवर्तन अब स्थानीय स्तर पर गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो यह मामला बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है।

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