फर्रुखाबाद। कादरी गेट थाना क्षेत्र में गर्भवती महिला की ऑपरेशन के दौरान हुई दर्दनाक मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए गायत्री नर्सिंग होम को पूरी तरह सील कर दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई ने जिले के निजी अस्पतालों में खलबली मचा दी है।
बताया गया कि कम्पिल थाना क्षेत्र के गांव रसीदपुर निवासी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन इलाज के लिए गायत्री नर्सिंग होम लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को सील कर जांच शुरू कर दी थी। तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवनींद्र कुमार ने अपनी टीम के साथ नर्सिंग होम पहुंचकर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
जांच के दौरान अस्पताल में कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आईं। पता चला कि अस्पताल में अधिकतर डॉक्टर केवल ऑन-कॉल आधार पर आते थे, जबकि रिकॉर्ड में सिर्फ एक बीएमएस चिकित्सक का नाम दर्ज मिला। इतना ही नहीं, बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में भी गंभीर लापरवाही पकड़ी गई।
कार्रवाई के दौरान अस्पताल में भर्ती चार मरीजों को एंबुलेंस के जरिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल भेजा गया। मौके पर डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपक कटारिया, डॉ. शोभा सक्सेना, डॉ. श्वेता सिंह, वरिष्ठ लिपिक आलोक सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण विभाग और गंगा स्वच्छता समिति की टीम मौजूद रही।
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने साफ कहा कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ और नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले के कई निजी अस्पताल और नर्सिंग होम संचालकों में बेचैनी बढ़ गई है।







