रिपोर्ट- रजत गुप्ता संवाददाता राजेपुर अमृतपुर
फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम चाचूपुर में बृजेश की संदिग्ध मौत के बाद भड़के हिंसक बवाल को लेकर अब पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। घटना के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर जमकर पथराव किया था, जिसमें थाना अध्यक्ष राजेपुर नागेंद्र सिंह समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बावजूद अब तक आरोपियों पर केवल शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई किए जाने से इलाके में चर्चाओं का माहौल गर्म है।
पुलिस ने ब्रजेश पुत्र रूपराम, मंजेश पुत्र बेलाराम, राजबहादुर पुत्र रामस्वरूप, गोपाल शाक्य, लालू शाक्य, सुभाष पाण्डेय, अतुल शर्मा, पवन राजपूत तथा महिला अभियुक्ता श्री देवी पत्नी मंशाराम का धारा 170/126/135 BNSS-2023 के तहत चालान किया है।
मामले में जब अपर पुलिस अधीक्षक से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि अभी तक उपद्रव करने वाले सभी लोगों की स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी है। इसी कारण प्रारंभिक तौर पर शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस वीडियो फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है। पहचान पूरी होते ही नामजद मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अपर पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पुलिस पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं दूसरी ओर उप जिलाधिकारी रविंद्र सिंह की अदालत में सुनवाई के दौरान जमानत कर्ताओं के दस्तावेजों की जांच के बाद उपरोक्त सभी अभियुक्तों को जमानत दे दी गई। इस फैसले के बाद क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई और कानून व्यवस्था को लेकर नई बहस छिड़ गई है।







