रिपोर्ट- रजत गुप्ता संवाददाता राजेपुर अमृतपुर
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर शुक्रवार को अमृतपुर तहसील परिसर किसानों के आंदोलन का केंद्र बना रहा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने तहसील पहुंचकर भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और पेट्रोल पंप की पैमाइश समेत कई मुद्दों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। दिनभर चले हंगामे और विरोध के बाद देर रात प्रशासन और किसान नेताओं के बीच हुई वार्ता में कई बिंदुओं पर सहमति बनी, जिसके बाद भाकियू नेताओं ने ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त करने की घोषणा की।
भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष अजय कटियार के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि किसानों की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। किसानों का कहना था कि वर्ष 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा और किसानों को उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है। इसको लेकर किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
धरना प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। हालात को देखते हुए देर रात अपर जिलाधिकारी फर्रुखाबाद अरुण कुमार सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसडीएम अमृतपुर के चेंबर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता शुरू हुई।
बैठक में किसानों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसान नेताओं ने भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, पैमाइश और किसानों की सहमति से जुड़े सवाल अधिकारियों के सामने रखे। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि किसी भी किसान के साथ जबरदस्ती नहीं की जाएगी और किसानों की सहमति के बाद ही बैनामे की प्रक्रिया पूरी होगी। साथ ही आगामी बृहस्पतिवार को यूपीडा अधिकारियों के साथ किसानों की बैठक कराने का भी भरोसा दिलाया गया।
अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि किसानों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई है और सर्किल रेट व अन्य मुद्दों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के बैनामे हो रहे हैं, वे अपनी स्वेच्छा और सहमति से प्रक्रिया पूरी करा रहे हैं। भूमि का मूल्यांकन शासन और यूपीडा के मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।
वार्ता के बाद भाकियू टिकैत गुट के पदाधिकारियों ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और धरना समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसानों के हितों की अनदेखी हुई या जबरन भूमि अधिग्रहण का प्रयास किया गया, तो संगठन दोबारा बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा।
पूरे घटनाक्रम के दौरान अमृतपुर, राजेपुर और शमशाबाद थानों की पुलिस फोर्स तहसील परिसर में मुस्तैद रही। प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए रहे, जिससे देर रात तक तहसील परिसर में हलचल बनी रही।







