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अवैध बंगाली क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, नोटिस चस्पा कर कराया बंद आईजीआरएस शिकायत पर हुई कार्रवाई, तीन दिन में अभिलेख न देने पर एफआईआर की चेतावनी

रिपोर्ट- रजत गुप्ता संवाददाता राजेपुर अमृतपुर

राजेपुर/अमृतपुर। स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ अभियान तेज करते हुए थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम रतनपुर पमारान में चल रहे एक कथित बंगाली क्लीनिक पर कार्रवाई की है। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और आवश्यक दस्तावेज न मिलने पर क्लीनिक को बंद कराते हुए नोटिस चस्पा कर दिया।

जानकारी के अनुसार, उक्त क्लीनिक के संबंध में आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर की टीम ने जांच की। निरीक्षण के दौरान क्लीनिक संचालक से रजिस्ट्रेशन प्रमाण-पत्र, चिकित्सकीय डिग्री, प्रैक्टिस की अनुमति एवं अन्य जरूरी अभिलेख मांगे गए, लेकिन वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक परिसर पर नोटिस चस्पा करते हुए संचालक को तीन दिन के भीतर सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने की स्थिति में मेडिकल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रमित राजपूत ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद टीम ने मौके पर जाकर जांच की थी। जांच के दौरान संचालक कोई मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री अथवा पंजीकरण प्रमाण-पत्र नहीं दिखा सका। ऐसे में नियमों के तहत नोटिस जारी कर क्लीनिक को बंद कराया गया है। उन्होंने कहा कि बिना वैध अनुमति के चिकित्सा सेवाएं देना कानूनन अपराध है और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के संचालकों में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने भी विभागीय कार्रवाई का स्वागत करते हुए क्षेत्र में संचालित अन्य संदिग्ध क्लीनिकों की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना योग्यता और अनुमति के इलाज करने वाले ऐसे केंद्र मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकते हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि उपचार कराने से पहले चिकित्सक की योग्यता और क्लीनिक की वैधता की जानकारी अवश्य सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

Rajat Gupta
Author: Rajat Gupta

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