रिपोर्ट- रजत गुप्ता संवाददाता राजेपुर अमृतपुर
राजेपुर। थाना राजेपुर क्षेत्र में महिला से चेन लूट की सनसनीखेज बताई गई घटना पुलिस की गहन जांच में पूरी तरह फर्जी निकली। तीन दिनों तक लगातार जांच, दर्जनों सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल और पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए शिकायतकर्ता युवक को गिरफ्तार कर चैन बरामद की गई !

जानकारी के अनुसार, 1 जून 2026 को दीनदयाल बाग मसेनी निवासी राहुल शुक्ला ने राजेपुर थाने में तहरीर देकर बताया था कि वह अपनी माता अनीता शुक्ला के साथ बाइक से जलालाबाद जा रहा था। इटावा-बरेली हाईवे पर डाबरी के निकट दो बाइक सवार बदमाशों ने उसकी मां के गले से सोने की चेन झपट ली और फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लगातार तीन दिनों तक जांच की। इस दौरान करीब 40 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, लेकिन कथित चेन लूट की घटना का कोई साक्ष्य सामने नहीं आया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता के बयानों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस का संदेह गहरा गया।
पुलिस द्वारा की गई सख्त पूछताछ में राहुल शुक्ला ने स्वीकार किया कि उस पर लगभग 10 लाख रुपये का कर्ज था। आर्थिक दबाव के चलते उसने अपनी मां के साथ मिलकर चेन लूट की झूठी कहानी बनाई थी, ताकि कर्ज और अन्य परिस्थितियों से बचा जा सके।
मामले का खुलासा होने के बाद उपनिरीक्षक आशुतोष कुमार ने आरोपी राहुल शुक्ला को डबरी के निकट से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई करते हुए चालान किया है।
थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस को गुमराह करने और झूठी सूचना देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं वास्तविक अपराधों की जांच को प्रभावित करती हैं और पुलिस का समय व संसाधन व्यर्थ करती हैं।
राजेपुर पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते कथित चेन लूट का यह मामला महज तीन दिनों में बेनकाब हो गया, जिससे एक फर्जी अपराध का पर्दाफाश हुआ।







