कल्पवृक्ष टाइम्स
( राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र )

Rni UPHIN/2014/57244

राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र

Rni UPHIN/2014/57244

वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

कल्पवृक्ष टाइम्स

श्रीराम कथा में पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, जगद्गुरु रामभद्राचार्य का लिया आशीर्वाद

लखनऊ। सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के पंचम दिवस शुक्रवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त कर कथा श्रवण किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजक मंडल की ओर से विधायक डॉ. नीरज बोरा ने रक्षा मंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

कथा के दौरान पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगदगुरु रामभद्राचार्य ने श्रीराम-जानकी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भक्ति एवं संत महिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत समाज को दिशा देने, जीवन में शांति स्थापित करने और मनुष्य को ईश्वर से जोड़ने का कार्य करते हैं। इस दौरान उन्होंने योगी आदित्यनाथ जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं।

अपने संबोधन में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है और देश निरंतर सशक्त हो रहा है। साथ ही उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने तथा रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग भी रखी।

लगभग 376 ग्रंथों के रचयिता रामभद्राचार्य ने कहा कि उन्हें ऋग्वेद से लेकर हनुमान चालीसा तक लगभग डेढ़ लाख पृष्ठ कंठस्थ हैं, किंतु रामचरितमानस जैसा अद्वितीय ग्रंथ उन्हें कहीं दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस में राष्ट्र और समाज के कल्याण की व्यापक अवधारणा समाहित है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वे पिछले तीन दशकों से अधिक समय से जगद्गुरु रामभद्राचार्य को जानते हैं और उनकी विलक्षण स्मरण शक्ति तथा प्रतिभा अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि यह केवल साधना का परिणाम नहीं, बल्कि ईश्वर की विशेष कृपा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने जगत्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के लिए विशेष अधिनियम पारित कराया था, जिसके तहत उन्हें आजीवन कुलाधिपति बनाया गया।

राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा, “छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।” उन्होंने कहा कि बड़े मन और विशाल दृष्टिकोण की यही विशेषता जगद्गुरु रामभद्राचार्य में दिखाई देती है।

मीडिया प्रभारी डॉ. एस.के. गोपाल ने बताया कि श्रीराम कथा का षष्ठ दिवस शनिवार सायं 5 बजे से आयोजित होगा। कथा स्थल पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्थाओं के संचालन में जुटे हुए हैं।

Leave a Comment

और पढ़ें
और पढ़ें