राजेपुर, फर्रुखाबाद।
भीषण गर्मी के बीच राजेपुर बिजली उपकेंद्र की लचर व्यवस्था ने गंगापार क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही है, वहीं राजेपुर उपकेंद्र से जुड़े गांवों में लगातार हो रही अघोषित कटौती ने लोगों का सब्र तोड़ दिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उपकेंद्र पर लंबे समय से ओवरलोड की समस्या बनी हुई है, लेकिन विभागीय अधिकारी स्थायी समाधान करने के बजाय केवल कागजी आंकड़ों में बिजली आपूर्ति दिखाकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि रजिस्टरों में भले ही 18 घंटे सप्लाई दर्ज हो रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
गुरुवार को गंगापार क्षेत्र के कई गांव घंटों तक अंधेरे में डूबे रहे। ग्रामीणों के अनुसार सुबह करीब 11:30 बजे बिजली आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन महज आधे घंटे बाद दोपहर 12 बजे फिर सप्लाई बंद कर दी गई। इसके बाद लंबे समय तक बिजली न मिलने से लोगों को उमस भरी गर्मी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के बार-बार बिजली काटी जा रही है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ किसान, व्यापारी और छोटे कारोबारी भी प्रभावित हो रहे हैं।
अस्पताल भी प्रभावित, मरीज और प्रसूताएं बेहाल
बिजली संकट का असर राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी साफ दिखाई दे रहा है। लगातार कटौती के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों और प्रसव के लिए आई महिलाओं को भीषण गर्मी और अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है। बिजली न रहने से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि राजेपुर उपकेंद्र की ओवरलोड समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए और सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार 18 घंटे बिजली देने का दावा कर रही है, तो राजेपुर के गंगापार क्षेत्र के उपभोक्ताओं को आखिर कब मिलेगी राहत?







