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फर्रुखाबाद में अवैध अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा अभियान, बिना पंजीकरण चल रहे अस्पताल होंगे सील

फर्रुखाबाद। जनपद में बिना पंजीकरण और अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों व नर्सिंग होमों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए विशेष सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के तहत जिले भर में निजी अस्पतालों की गहन जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने स्पष्ट कहा है कि बिना वैध पंजीकरण के संचालित अस्पताल न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि मरीजों की जान को भी खतरे में डाल रहे हैं। ऐसे संस्थानों के खिलाफ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जांच में इन बिंदुओं पर रहेगा विशेष फोकस

स्वास्थ्य विभाग की गठित टीमें अस्पतालों का निरीक्षण कर निम्न मानकों की जांच करेंगी—

योग्य एवं डिग्रीधारक चिकित्सकों की उपलब्धता।

प्रशिक्षित नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती।

ऑपरेशन थिएटर, बेड और अन्य आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की स्थिति।

बायोमेडिकल वेस्ट (चिकित्सीय कचरा) के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था।

फायर एनओसी एवं अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन।

अस्पताल में स्वच्छता और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता।

नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

सीएमओ ने चेतावनी देते हुए कहा कि जांच के दौरान बिना पंजीकरण संचालित या मानकों का उल्लंघन करते पाए गए अस्पतालों और नर्सिंग होमों को तत्काल सील किया जाएगा। साथ ही संचालकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

पहले भी हुई है कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में जिले के कई निजी अस्पतालों और नर्सिंग होमों पर निरीक्षण के दौरान मानकों की अनदेखी, आवश्यक सुविधाओं के अभाव और एक्सपायरी दवाएं मिलने जैसी गंभीर अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई की थी। अब विभाग ने साफ कर दिया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और मरीजों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग का संदेश साफ है— जो अस्पताल नियमों के अनुसार संचालित होंगे, उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन अवैध रूप से चल रहे संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।

Rajat Gupta
Author: Rajat Gupta

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