रिपोर्टर रजत गुप्ता संवाददाता राजेपुर
राजेपुर, फर्रुखाबाद।
जनपद के राजेपुर विकास खंड में केंद्रीय प्रभारी अधिकारी सर्वदानंद ने विकास कार्यों और केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ब्लॉक कार्यालय, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी संचालन के निर्देश दिए।

ब्लॉक कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी, ग्राम सचिवों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से धरातल पर उतारने पर जोर दिया। इस दौरान गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पुष्टाहार भी वितरित किया गया।

इसके बाद उन्होंने पीएम कंपोजिट विद्यालय, राजेपुर का निरीक्षण किया। विद्यालय में बच्चों से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम सहित सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछकर उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता का आकलन किया। विद्यालय परिसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में गर्भवती महिलाओं को फल एवं मिष्ठान वितरित किए गए तथा छह वर्ष तक के बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

प्रधानाध्यापिका पूनम मिश्रा ने बताया कि विद्यालय में 250 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं तथा 9 शिक्षक कार्यरत हैं।

निरीक्षण के अगले चरण में केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, एनसीडी क्लीनिक, नेत्र परीक्षण केंद्र, प्रयोगशाला, अतिरिक्त ओपीडी कक्ष, आयुष्मान चिकित्सा कक्ष तथा एनबीएसयू सहित विभिन्न विभागों का बारीकी से अवलोकन कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया।
चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमित राजपूत एवं डॉ. रजत कटियार ने बताया कि निरीक्षण के दिन ओपीडी में 104 मरीजों का उपचार किया गया। वहीं महिला वार्ड में स्टाफ नर्स रुचि ने जानकारी दी कि निरीक्षण के दिन तीन सुरक्षित प्रसव कराए गए, जबकि अस्पताल में प्रतिमाह लगभग 200 प्रसव होते हैं।
केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने अस्पताल परिसर के बाहर स्थित सुलभ शौचालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों में सक्रियता देखने को मिली। केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।







