रिपोर्टर- रजत गुप्ता संवाददाता राजेपुर
फर्रुखाबाद। जनपद में संभावित बाढ़ की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मंगलवार को राजेपुर क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने सबसे पहले राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, आपातकालीन व्यवस्थाओं तथा बाढ़ के दौरान मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात और बाढ़ के मौसम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी आवश्यक संसाधन पहले से तैयार रखें जाएं।

इसके बाद जिलाधिकारी ने गंगापार स्थित महात्मा गांधी इंटर कॉलेज पहुंचकर आयोजित बाढ़ सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से घबराने के बजाय सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं भी सुरक्षित रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी बाढ़ से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम में एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम ने बाढ़ के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों का व्यावहारिक प्रदर्शन (मॉक ड्रिल) किया। टीम ने बताया कि यदि बाढ़ का पानी घर में प्रवेश करने लगे तो सबसे पहले घर की मुख्य विद्युत सप्लाई बंद कर दें, ताकि करंट फैलने जैसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके। साथ ही बच्चों को बाढ़ के पानी के पास न जाने दें, अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में आवाजाही न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
एनडीआरएफ टीम ने यह भी बताया कि बाढ़ के समय गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों और छोटे बच्चों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता होती है। टीम ने गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाने और आपातकालीन स्थिति में रेस्क्यू अभियान चलाने की पूरी प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने गंभीरता से देखा और सराहा।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि जनपद प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़े सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को आपदा के समय घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लेने, सुरक्षित स्थानों पर जाने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने तथा दूसरों की मदद करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट, राजेपुर थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, एनडीआरएफ के जवान, विद्यालय प्रशासन, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।







