रिपोर्टर रजत गुप्ता संवाददाता राजेपुर
अमृतपुर, फर्रुखाबाद।
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने तहसील अमृतपुर के गंगा पार स्थित बाढ़ प्रभावित गांवों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत राम की मढ़ैया से हुई, जहां जिलाधिकारी ने बाढ़ के दौरान आवागमन में आने वाली कठिनाइयों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों की पहचान कर समय रहते सुरक्षित आवाजाही की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आपातकालीन स्थिति में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके बाद डीएम ने आशा की मढ़ैया, रामपुर जोगराजपुर, इमादपुर सोमवंशी और चित्रकूट दीप सहित कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। प्रत्येक गांव में उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खाद्य सामग्री, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की हर हाल में उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने राम निवास विद्यालय में बनाए गए पशु बाढ़ शरणालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे पशुपालकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके बाद डीएम आईटीआई कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने स्मार्ट क्लास व्यवस्था का निरीक्षण किया। शिक्षण कार्य प्रभावित होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से नियमित कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के अंतिम चरण में जिलाधिकारी बालीपट्टी रानी होते हुए बाढ़ के पानी से गुजरकर मंझा गांव के समीप निर्माणाधीन पुलिया तक पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए निर्माण स्थल पर तत्काल लाल चेतावनी संकेतक लगाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी व्यक्ति दुर्घटना का शिकार न हो।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन पूरी मुस्तैदी, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है और प्रत्येक अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों की सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बढ़ते जलस्तर के बीच जिलाधिकारी का स्वयं गांव-गांव पहुंचकर हालात का जायजा लेना यह दर्शाता है कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है और हर परिस्थिति से प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्वेता साहू, तहसीलदार शशांक सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






