रिपोर्टर अमित दीक्षित संवाददाता बदायूं
बदायूं। शहर के मोहल्ला चौबे निवासी अमन मयंक शर्मा कथित धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के मामले में फंस गया है। उसके खिलाफ आरोप है कि उसने सीओ सिटी राहुल पांडेय के नाम का कथित तौर पर इस्तेमाल कर कुंवरगांव निवासी एक व्यक्ति को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और उससे 1.40 लाख रुपये की रकम वसूल ली।
मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद जांच शुरू की गई। जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने अमन मयंक शर्मा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
आरोप है कि अमन पुलिस अधिकारी के नाम और अपनी कथित राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर लोगों पर प्रभाव बनाने की कोशिश करता था। इसी कथित प्रभाव का इस्तेमाल कर पीड़ित से रकम वसूलने का आरोप सामने आया है।
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि अमन मयंक शर्मा का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से उसे कोई पद या दायित्व नहीं दिया गया था।
हालांकि, अमन की सोशल मीडिया पर कई नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आने के बाद सवाल जरूर उठ रहे हैं। सवाल यह है कि यदि वह पार्टी का पदाधिकारी या अधिकृत कार्यकर्ता नहीं था, तो उसकी बड़े नेताओं तक पहुंच कैसे बनी? वह लगातार नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर अपनी राजनीतिक नजदीकी क्यों प्रदर्शित करता था?
फिलहाल पुलिस कार्रवाई के बाद मामला चर्चा में है। अब जांच का केंद्र इस बात पर भी है कि पुलिस अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर कथित तौर पर रकम वसूलने के पीछे पूरी सच्चाई क्या थी और इस मामले में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।








