फर्रुखाबाद (अमृतपुर): बरसों से जर्जर हालत में चल रहे अमृतपुर थाने के प्रशासनिक भवन और मलखाने को आखिरकार शासन ने संज्ञान में ले लिया है। जल्द ही यहां नए भवन का निर्माण कराया जाएगा, जिससे पुलिस कार्यप्रणाली और अभिलेखों की सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा।
थाना परिसर में बने पुराने भवन की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई थी। बरसात के दौरान छत से पानी टपकने के कारण महत्वपूर्ण रजिस्टर और दस्तावेज क्षतिग्रस्त हो रहे थे। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए पीडब्ल्यूडी के जेई अंकित मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशासनिक भवन, मलखाना और अन्य हिस्सों की नाप-जोख की। बताया गया कि शासन द्वारा पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर भवन की जर्जर स्थिति से अवगत कराया गया था, जिसके बाद यह कार्रवाई शुरू की गई है।
थानाध्यक्ष इंद्रजीत ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1990 में निर्मित यह भवन अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। लगभग 2 एकड़ में फैले थाना परिसर में बनी इमारत की छतें कमजोर हो गई हैं और बारिश में पानी सीधे अंदर आता है। इससे न केवल सरकारी अभिलेखों को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा भी खतरे में है।
उन्होंने यह भी बताया कि थाने के रसोईघर की हालत भी खराब है। छत का प्लास्टर गिरने लगा है, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। इस संबंध में भी पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और प्रस्ताव आगे भेजा जाएगा।
पीडब्ल्यूडी के जेई अंकित ने आश्वासन दिया कि शासन के निर्देशानुसार जल्द ही नए प्रशासनिक भवन और मलखाने का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
कुल मिलाकर, लंबे इंतजार के बाद अमृतपुर थाने को नई इमारत मिलने की राह साफ होती नजर आ रही है, जिससे पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी।







